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Hindi Essay on Global Warming | ग्लोबल वार्मिंग | वैश्विक तापमान |

प्रस्तावना

पृथ्वी के तापमान में सतत रूप से हो रही वृद्धि ग्लोबल वार्मिंग ( वैश्विक तापमान )  कहलाती है |

सूर्य पृथ्वी के लिए ऊष्मा एवं ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है, जिससे निरंतर पृथ्वी को सूर्य की किरणों के रूप में ऊष्मा एवं ऊर्जा प्राप्त होती है l दिन भर पड़ने वाली सूर्य की किरणों से पृथ्वी के तापमान में वृद्धि होती है और रात होने पर जब सूर्य की किरणें पृथ्वी पर नहीं आती है, उस समय पृथ्वी से उस्मा निकलकर अंतरिक्ष में मुक्त होती रहती है | जिसके कारण पृथ्वी का तापमान नियंत्रित रहता है | परंतु भौतिक विकास के साथ इस चक्र में असंतुलन पैदा हुआ है, जिसके कारण सूर्य की किरणें पृथ्वी तक आ तो रही हैं परंतु वापस अंतरिक्ष में लौट नहीं पा रही हैं और यही कारण है कि पृथ्वी के तापमान में तेजी से वृद्धि होने लगी है l इसे ही ग्लोबल वार्मिंग या वैश्विक भू – तापन के नाम से जाना जाता है |

ग्लोबल वार्मिंग के कारण

ग्लोबल वार्मिंग का सबसे बड़ा कारण मानवीय गतिविधियां हैं | अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि, इंधन का अधिक उपयोग करना,औद्योगिकीकरण, कल कारखानों में हुई वृद्धि, वाहनों का बढ़ता उपयोग, प्रशीतक और वातानुकूलित यंत्रों में हुई वृद्धि, वनों की अंधाधुंध कटाई तथा तथा जीवाश्म इंधनों के बढ़ते उपयोग के कारण वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, मीथेन आदि की मात्रा में तेजी से वृद्धि हुई है, यह गैसे ग्रीन हाउस प्रभाव के लिए उत्तरदाई होती हैं| ग्रीन हाउस प्रभाव एक प्राकृतिक चक्र होता है  जो पृथ्वी के तापमान को नियंत्रित बनाए रखकर यहां जीवन संभव बनाता है| परंतु यदि इन गैसों की मात्रा आवश्यकता से अधिक बढ़ जाती है तो इनके द्वारा निर्मित ग्रीन हाउस प्रभाव पृथ्वी के तापमान में आवश्यकता से बहुत अधिक वृद्धि कर देता है, जिसके कारण अनेक प्राकृतिक आपदाओं एवं शारीरिक रोगों का जन्म होता है|

ग्लोबल वार्मिंग के दुष्परिणाम

ग्लोबल वार्मिंग के कारण पृथ्वी के तापमान में हो रही अनवरत वृद्धि के कारण पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है, मौसम चक्र में बदलाव आ रहा है | कहीं बाढ़ आ रही है,तो कहीं सूखा पड़ रहा है, समुद्रों का तापमान बढ़ रहा है और ग्लेशियर  पिंघल रहे हैं | जिनसे समुद्रों का जलस्तर बढ़ रहा है | तूफान और चक्रवात आ रहे हैं, नई-नई बीमारियों का जन्म हो रहा है और पृथ्वी पर प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि हो रही है |

ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित करने के उपाय

ग्लोबल वार्मिंग को हम निम्नलिखित उपाय अपनाकर नियंत्रित कर सकते हैं –

  • वनों की अंधाधुंध कटाई पर रोक लगनी चाहिए |
  • अधिकाधिक वृक्ष लगाए जाने चाहिए |
  • यात्रा के लिए  निजी वाहनों के स्थान पर  सार्वजनिक वाहनों का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाना चाहिए |
  • जनसंख्या को नियंत्रित किए जाने के प्रयास किए जाने चाहिए |
  • कारखानों में कोयले व डीजल के जलने का स्तर कम किया जाना चाहिए |

उपसंहार

ग्लोबल वार्मिंग पृथ्वी की ओर बढ़ रहे एक भीषण संकट का दूसरा नाम कहा जा सकता है |  यदि समय रहते इस को नियंत्रित करने का प्रयास नहीं किया गया तो वह दिन दूर नहीं होगा जब यह  संपूर्ण पृथ्वी के लिए एक बड़ा संकट पैदा कर देगा | अतः सरकार व समाज दोनों को मिलकर ग्लोबल वार्मिंग  को नियंत्रित करने के लिए प्रयास करने चाहिए |  इस कार्य में युवा वर्ग भी ग्लोबल वार्मिंग के प्रति लोगों को समझा कर उनमें पर्यावरण संबंधी जागरूकता पैदा कर सकें |

# Hindi Essay on Global Warming

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